Thursday, 28 May 2015

बच्चे को बुरी नज़र से बचाने के लिए क्या उसकी कलाई पर काला धागा या नजरिया बांधना ठीक है


बच्चे को बुरी नज़र से बचाने के लिए क्या उसकी कलाई पर काला धागा या नजरिया बांधना ठीक है ?

यह सबसे अच्छा है धागा नहीं बांधना - गले में और ही कलाई पर अगर धागा शिशु की कलाई पर कसकर बंधा हुआ है तो उसके रक्त परिसंचरण में रुखावट सकती है इसके अलावा, काला धागा किस प्रकार के रंगों और डाई से तैयार किया है पता चलना मुश्किल है। अक्सर खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है जो शिशु की त्वचा को हनी पहुंचा सकते है।

धागा शिशु की गर्दन के चारों ओर उलझ सकता है। अगर वह उसको खीचता है या अगर धागा एक हुक या बटन की तरह कुछ में अटक जाता है तो शिशु को चोट लग सकती है विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह समय पर नहीं समभलता तो खेचे धागे से गला घुटने का जोखिम बढ़ जाता है।

इसके अतिरिक्त, छोटे बच्चे हरेक चीज को मुँह में डालने की प्रवृत्ति भी रखते हैं। अगर किसी भी तरह धागा शिशु के मुहं में जा कर अटक जाता है तो दम घुटने का जोखिम बढ़ जाता है।

जब आप बच्चे को नहलाती हैं तो यह धागा भी गीला हो जाता है और कभी भी पूरी तरह से नहीं सूखता है, और इसके कारण शिशु कि नाज़ुक त्वचा में ददोरे या संक्रमण भी हो सकते हैं।

शिशु को नज़रिया या काला धागा पहनना एक लोकप्रिय परंपरा है, और हो सकता है घर के बड़े बूढों को आपका दृष्टिकोण रास आये।

एक समझौते के रूप में, कुछ माता पिता धागा शिथिल टखने के आसपास बंधती है . यह भी माना जाता है की माथे या पैर के तलुए पर एक काला टिक्का लगाने से बुरी नज़र से बचा जा सकता है।

Monday, 25 May 2015

My Self

My Self 

My name is Neelam. I read in the seventh class. I am twelve years old. I live in Greater Kailash. My house is situated opposite the market. My father is a manager in a company. My mother also works in an office. There are four members in our family. My elder brother studies in class ninth.
I am good in studies. I stood first in class sixth. I got a prize for standing first in the class. I play Badminton everyday. I am a good player of Table Tennis also. I play in the evening. There is a big park in front of my house.
I am fond of gardening. I am also fond of reading story­books. I help my mother in kitchen. I can prepare tea. I always speak the truth. I polish my shoes everyday. I help the students in studies. I am the monitor of my class. I do not quarrel with any one. I am working hard for my next examination.

Yourself /My self

Point wise : It is about Nikhil ( Yourself /My self):
1.    My name is Nikhil.
2.      I am a boy
3.      I am 6 years old.
4.      I read in class 1 or 2, or 3 .
5.      I like to play cricket.
6       Mango is my favorite fruit.
7.      I like to read, I like to write; I like to think.
8       I like to dream.
9.      I like to listen music.
10     My hobby is music listening.
11.    I like to sleep early.
12.    I like to get up late.
13.    I can make many 3D objects with paper.
14.    Making a sketch at leisure time is also my hobby.
15     I like to be surrounded by people.
16.    I like laughing.
17.    I like to watch Cartoon
18.    I like to watch IIIFA award programs on TV.
19.    I am a good listener.
20.    I don't praise myself.
21.    I respect elders.

Sunday, 24 May 2015

India Map Hindi


India Hindi Map


हिंदी में गिनती - Counting in Hindi

एकEk1Oneवन
दोDo2Twoटू
तीनTeen3Threeथ्री
चारChar4Fourफोर
पांचPanch5Fiveफाइव
छ:Chah6Sixसिक्स
सात Saat7Sevenसेवेन
आठAath8Eightएट
नोNo9Nineनाइन
१०दसDus10Tenटेन
११ग्यारहGyarah11Elevenइलेवन
१२बारहBarah12Twelveट्वेल्व
१३तेरहTerah13Thirteenथर्टीन
१४चोदहChodah14Fourteenफोर्टीन
१५पंद्रहPandrah15Fifteenफिफ्टीन
१६सोलहSolah16Sixteenसिक्सटीन
१७सत्रहSatrah17Seventeenसेवेनटीन
१८अठारहAtharah18Eighteenएटीन
१९उन्नीसUnnees19Nineteenनाइनटीन
२०बीसBees20Twentyट्वेंटी
२१इक्कीस21Twenty Oneट्वेंटी वन
२२बावीस22Twenty Twoट्वेंटी टू
२३तेईस23Twenty Threeट्वेंटी थ्री
२४चौबीस24Twenty Fourट्वेंटी फोर
२५पच्चीस25Twenty Fiveट्वेंटी फाइव
२६छब्बीस26Twenty Sixट्वेंटी सिक्स
२७सताईस27Twenty Sevenट्वेंटी सेवेन
२८अठाइस28Twenty Eightट्वेंटी एट
२९उन्तीस29Twenty Nineट्वेंटी नाइन
३०तीस30Thirty थर्टी 
३१इकतीस31Thirty Oneथर्टी वन
३२बतीस32Thirty Twoथर्टी टू
३३तैतीस33Thirty Threeथर्टी थ्री
३४34Thirty Fourथर्टी फोर
३५35Thirty Fiveथर्टी फाइव
३६36Thirty Sixथर्टी सिक्स
३७37Thirty Sevenथर्टी सेवेन
३८38Thirty Eightथर्टी एट
३९39Thirty Nineथर्टी नाइन
४०चालीस40Forty फोर्टी 
४१41Forty Oneफोर्टी वन
४२42Forty Twoफोर्टी टू
४३43Forty Threeफोर्टी थ्री
४४44Forty Fourफोर्टी फोर
४५45Forty Fiveफोर्टी फाइव
४६46Forty Sixफोर्टी सिक्स
४७47Forty Sevenफोर्टी सेवेन
४८48Forty Eightफोर्टी एट
४९49Forty Nineफोर्टी नाइन
५०पचास50Fifty फिफ्टी 
५१51Fifty Oneफिफ्टी वन
५२52Fifty Twoफिफ्टी टू
५३53Fifty Threeफिफ्टी थ्री
५४54Fifty Fourफिफ्टी फोर
५५55Fifty Fiveफिफ्टी फाइव
५६56Fifty Sixफिफ्टी सिक्स
५७57Fifty Sevenफिफ्टी सेवेन
५८58Fifty Eightफिफ्टी एट
५९59Fifty Nineफिफ्टी नाइन
६०साठ60Sixty सिक्सटी 
६१61Sixty Oneसिक्सटी वन
६२62Sixty Twoसिक्सटी टू
६३63Sixty Threeसिक्सटी थ्री
६४64Sixty Fourसिक्सटी फोर
६५65Sixty Fiveसिक्सटी फाइव
६६66Sixty Sixसिक्सटी सिक्स
६७67Sixty Sevenसिक्सटी सेवेन
६८68Sixty Eightसिक्सटी एट
६९69Sixty Nineसिक्सटी नाइन
७०सत्तर70Seventy सेवेनटी 
७१71Seventy Oneसेवेनटी वन
७२72Seventy Twoसेवेनटी टू
७३73Seventy Threeसेवेनटी थ्री
७४74Seventy Fourसेवेनटी फोर
७५75Seventy Fiveसेवेनटी फाइव
७६76Seventy Sixसेवेनटी सिक्स
७७77Seventy Sevenसेवेनटी सेवेन
७८78Seventy Eightसेवेनटी एट
७९79Seventy Nineसेवेनटी नाइन
८०अस्सी80Eighty एटी 
८१81Eighty Oneएटी वन
८२82Eighty Twoएटी टू
८३83Eighty Threeएटी थ्री
८४84Eighty Fourएटी फोर
८५85Eighty Fiveएटी फाइव
८६86Eighty Sixएटी सिक्स
८७87Eighty Sevenएटी सेवेन
८८88Eighty Eightएटी एट
८९89Eighty Nineएटी नाइन
९०नब्बे90Ninty नाइनटी 
९१91Ninty Oneनाइनटी वन
९२92Ninty Twoनाइनटी टू
९३93Ninty Threeनाइनटी थ्री
९४94Ninty Fourनाइनटी फोर
९५95Ninty Fiveनाइनटी फाइव
९६96Ninty Sixनाइनटी सिक्स
९७97Ninty Sevenनाइनटी सेवेन
९८98Ninty Eightनाइनटी एट
९९99Ninty Nineनाइनटी नाइन
१००सौ100Hundredहंड्रेड

हिंदी की प्रमुख लोकोक्तियाँ - Hindi Proverbs

लोकोक्ति का अर्थ है, लोक की उक्ति अर्थात जन–कथन। लोकोक्तियाँ अथवा कहावतेँ लोक–जीवन की किसी घटना या अन्तर्कथा से जुड़ी रहती हैँ। इनका जन्म लोक–जीवन मेँ ही होता है। प्रत्येक लोकोक्ति समाज मेँ प्रचलित होने से पूर्व मेँ अनेक बार लोगोँ के अनुभव की कसौटी पर कसी गई है और सभी लोगोँ के अनुभव उस लोकोक्ति के साथ एक से रहे हैँ, तब वह कथन सर्वमान्य रूप से हमारे सामने है। लोकोक्तियाँ दिखने मेँ छोटी लगती हैँ, परन्तु उनमेँ अधिक भाव रहता है। लोकोक्तियोँ के प्रयोग से रचना मेँ भावगत विशेषता आ जाती है।

मुहावरे एवं लोकोक्ति मेँ अन्तर
मुहावरा वाक्यांश होता है तथा इसके अन्त मेँ ‘होना’, ‘जाना’, ‘देना’, ‘करना’ आदि क्रिया का मूल रूप रहता है, जिसका वाक्य मेँ प्रयोग करते समय लिँग, वचन, काल, कारक आदि के अनुसार रूप बदल जाता है। जबकि लोकोक्ति अपने आप मेँ पूर्ण वाक्य होती है और प्रयोग स्वतन्त्र वाक्य की तरह ज्योँ का त्योँ होता है|


1. अपनी करनी पार उतरनी = जैसा करना वैसा भरना
2. आधा तीतर आधा बटेर = बेतुका मेल
3. अधजल गगरी छलकत जाए = थोड़ी विद्या या थोड़े धन को पाकर वाचाल हो जाना
4. अंधों में काना राजा = अज्ञानियों में अल्पज्ञ की मान्यता होना
5. अपनी अपनी ढफली अपना अपना राग = अलग अलग विचार होना
6. अक्ल बड़ी या भैंस = शारीरिक शक्ति की तुलना में बौद्धिक शक्ति की श्रेष्ठता होना
7. आम के आम गुठलियों के दाम = दोहरा लाभ होना
8. अपने मुहं मियाँ मिट्ठू बनना = स्वयं की प्रशंसा करना
9. आँख का अँधा गाँठ का पूरा = धनी मूर्ख
10. अंधेर नगरी चौपट राजा = मूर्ख के राजा के राज्य में अन्याय होना
11. आ बैल मुझे मार = जान बूझकर लड़ाई मोल लेना
12. आगे नाथ न पीछे पगहा = पूर्ण रूप से आज़ाद होना
13. अपना हाथ जगन्नाथ = अपना किया हुआ काम लाभदायक होता है
14. अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत = पहले सावधानी न बरतना और बाद में पछताना
15. आगे कुआँ पीछे खाई = सभी और से विपत्ति आना
16. ऊंची दूकान फीका पकवान = मात्र दिखावा
17. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे = अपना दोष दूसरे के सर लगाना
18. उंगली पकड़कर पहुंचा पकड़ना = धीरे धीरे साहस बढ़ जाना
19. उलटे बांस बरेली को = विपरीत कार्य करना
20. उतर गयी लोई क्या करेगा कोई = इज्ज़त जाने पर डरकैसा
21. ऊधौ का लेना न माधो का देना = किसी से कोई सम्बन्ध न रखना
22. ऊँट की चोरी निहुरे - निहुरे = बड़ा काम लुक - छिप कर नहीं होता
23. एक पंथ दो काज = एक काम से दूसरा काम
24. एक थैली के चट्टे बट्टे = समान प्रकृति वाले
25. एक म्यान में दो तलवार = एक स्थान पर दो समान गुणों या शक्ति वाले व्यक्ति साथ नहीं रहसकते
26. एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है = एक खराब व्यक्ति सारे समाज को बदनाम कर देता है
27. एक हाथ से ताली नहीं बजती = झगड़ा दोनों और से होता है
28. एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा = दुष्ट व्यक्ति में और भी दुष्टता का समावेश होना
29. एक अनार सौ बीमार = कम वस्तु , चाहने वाले अधिक
30. एक बूढ़े बैल को कौन बाँध भुसदेय = अकर्मण्य को कोई भी नहीं रखना चाहता
31. ओखली में सर दिया तो मूसलों से क्या डरना = जान बूझकर प्राणों की संकट में डालने वाले प्राणों की चिंता नहीं करते
32. अंगूर खट्टे हैं = वस्तु न मिलने पर उसमें दोष निकालना
33. कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली = बेमेल एकीकरण
34. काला अक्षर भैंस बराबर = अनपढ़ व्यक्ति
35. कोयले की दलाली में मुहं काला = बुरे काम से बुराई मिलना
36. काम का न काज का दुश्मन अनाज का =बिना काम किये बैठे बैठे खाना
37. काठ की हंडिया बार बार नहीं चढ़ती= कपटी व्यवहार हमेशा नहीं किया जा सकता
38. का बरखा जब कृषि सुखाने = काम बिगड़ने पर सहायता व्यर्थ होती है
39. कभी नाव गाड़ीपर कभी गाड़ी नाव पर = समय पड़ने पर एक दुसरे की मदद करना
40. खोदा पहाड़ निकली चुहिया = कठिन परिश्रम कातुच्छ परिणाम
41. खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे = अपनी शर्म छिपाने के लिए व्यर्थ का काम करना
42. खग जाने खग की ही भाषा = समान प्रवृति वाले लोग एक दुसरे को समझ पाते हैं
43. गंजेड़ी यार किसके, दम लगाई खिसके = स्वार्थ साधने के बाद साथ छोड़ देते हैं
44. गुड़ खाए गुलगुलों से परहेज = ढोंग रचना
45. घर की मुर्गी दाल बराबर = अपनी वस्तु का कोई महत्व नहीं
46. घर का भेदी लंका ढावे = घर का शत्रु अधिक खतरनाक होता है
47. घर खीर तो बाहर भी खीर = अपना घर संपन्न हो तो बाहर भी सम्मान मिलता है
48. चिराग तले अँधेरा = अपना दोष स्वयं दिखाई नहीं देता
49. चोर की दाढ़ीमें तिनका = अपराधी व्यक्ति सदा सशंकित रहता है
50. चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए = कंजूस होना
51. चोर चोर मौसेरे भाई = एक से स्वभाव वाले व्यक्ति
52. जल में रहकर मगर से बैर = स्वामी से शत्रुता नहीं करनी चाहिए
53. जाके पाँव न फटी बिवाई सो क्या जाने पीर पराई = भुक्तभोगी ही दूसरों का दुःख जान पाताहै
54. थोथा चना बाजे घना = ओछा आदमी अपने महत्व का अधिक प्रदर्शन करता है
55. छाती पर मूंग दलना = कोई ऐसा काम होना जिससे आपको और दूसरों को कष्ट पहुंचे
56. दाल भात में मूसलचंद = व्यर्थ में दखल देना
57. धोबी का कुत्ता घर का न घाट का = कहीं का न रहना
58. नेकी और पूछ पूछ = बिना कहे ही भलाई करना
59. नीम हकीम खतरा एजान = थोडा ज्ञान खतरनाक होता है
60. दूध का दूध पानी का पानी = ठीक ठीक न्याय करना
61. बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद = गुणहीन गुण को नहीं पहचानता
62. पर उपदेश कुशल बहुतेरे = दूसरों को उपदेश देना सरल है
63. नामबड़े और दर्शन छोटे = प्रसिद्धि के अनुरूप गुण न होना
64. भागते भूत की लंगोटी सही = जो मिल जाए वहीकाफी है
65. मान न मान मैं तेरा मेहमान = जबरदस्ती गले पड़ना
66. सर मुंडाते ही ओले पड़ना = कार्य प्रारंभहोते ही विघ्न आना
67. हाथ कंगन को आरसी क्या = प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या जरूरत है
68. होनहार बिरवान के होत चिकने पात = होनहार व्यक्ति का बचपन में ही पता चल जाता है
69. बद अच्छा बदनाम बुरा = बदनामी बुरी चीज़ है
70. मन चंगा तो कठौती में गंगा = शुद्ध मन से भगवानप्राप्त होते हैं
71. आँख का अँधा, नाम नैनसुख = नाम के विपरीत गुण होना
72. ईश्वर की माया, कहीं धूपकहीं छाया = संसार में कहीं सुख है तो कहीं दुःख है
73. उतावला सो बावला = मूर्ख व्यक्ति जल्दबाजी में काम करते हैं
74. ऊसर बरसे तृन नहिं जाए = मूर्ख पर उपदेश का प्रभाव नहीं पड़ता
75. ओछे की प्रीतिबालू की भीति = ओछे व्यक्ति से मित्रता टिकती नहीं है
76. कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा भानुमती ने कुनबा जोड़ा = सिद्धांतहीन गठबंधन
77. कानी के ब्याह में सौ जोखिम = कमी होने पर अनेक बाधाएं आती हैं
78. को उन्तप होब ध्यहिंका हानी = परिवर्तन का प्रभाव न पड़ना
79. खाल उठाए सिंह की स्यार सिंह नहिं होय = बाहरी रूप बदलने से गुण नहीं बदलते
80. गागर में सागर भरना = कम शब्दों में अधिक बात करना
81. घर में नहीं दाने , अम्मा चली भुनाने = सामर्थ्य से बाहर कार्य करना
82. चौबे गए छब्बे बनने दुबे बनकर आ गए = लाभ के बदले हानि
83. चन्दन विष व्याप्त नहीं लिपटे रहत भुजंग = सज्जन पर कुसंग का प्रभाव नहीं पड़ता
84. जैसे नागनाथ वैसे सांपनाथ = दुष्टों की प्रवृति एक जैसी होना
85. डेढ़ पाव आटा पुल पै रसोई = थोड़ी सम्पत्ति पर भारी दिखावा
86. तन पर नहीं लत्ता पान खाए अलबत्ता = झूठी रईसी दिखाना
87. पराधीन सपनेहुंसुख नाहीं = पराधीनता में सुख नहीं है
88. प्रभुता पाहि काहि मद नहीं = अधिकार पाकर व्यक्ति घमंडी हो जाता है
89. मेंढकी को जुकाम = अपनी औकात से ज्यादा नखरे
90. शौक़ीन बुढिया चटाई का लहंगा = विचित्र शौक
91. सूरदास खलकारी का या चिदै न दूजो रंग = दुष्ट अपनी दुष्टता नहीं छोड़ता
92. तिरिया तेल हमीर हठ चढ़े न दूजी बार = दृढ प्रतिज्ञ लोग अपनी बात पे डटे रहते हैं
93. सौ सुनार की, एक लुहार की = निर्बल की सौ चोटों की तुलना में बलवान की एक चोट काफी है
94. भई गति सांप छछूंदर केरी = असमंजस की स्थिति में पड़ना
95. पुचकारा कुत्त सिर चढ़े = ओछे लोग मुहं लगाने पर अनुचित लाभ उठाते हैं
96. मुहं में राम बगल में छुरी = कपटपूर्ण व्यवहार
97. जंगल में मोर नाचा किसने देखा = गुण की कदर गुणवानों के बीच ही होती है
98. चट मंगनी पट ब्याह = शुभ कार्य तुरंत संपन्न कर देना चाहिए
99. ऊंट बिलाई लै गई तौ हाँजी-हाँजी कहना = शक्तिशाली की अनुचित बात का समर्थन करना
100. तीन लोक से मथुरा न्यारी = सबसे अलग रहना