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Saturday, 16 May 2015

वो कभी मिल जाएँ तो - Wo Kabhi Mil Jaaein To (Ghulam Ali)

वो कभी मिल जाएँ तो - Wo Kabhi Mil Jaaein To (Ghulam Ali)

Lyrics By:  अख्तर शीरानी      
Performed By: गुलाम अली  


वो कभी मिल जाएँ तो क्या कीजिए 
रात दिन सूरत को देखा कीजिए 


चाँदनी रातों में इक-इक फूल को 
बे-खुदी कहती है सजदा कीजिए 
वो कभी मिल जाएँ  ……

जो तमन्ना बर न आए उम्र भर
उम्र भर उस की तमन्ना कीजिए 
वो कभी मिल जाएँ  ……

इश्क की रंगीनियों में डूब कर 

चाँदनी रातों में रोया कीजिए 
वो कभी मिल जाएँ  ……


पूछ बैठे है हमारा हाल वो 
बे-खुदी तू ही बता क्या कीजिए 
वो कभी मिल जाएँ  ……

हम ही उस के इश्क के काबिल न थे 

क्यूँ किसी जालिम का शिकवा कीजिए 
वो कभी मिल जाएँ  ……

आगे (गाने में नहीं है):

आप ही ने दर्द-ए-दिल बख्शा हमें 
आप ही इस का मुदावा कीजिए 
वो कभी मिल जाएँ  ……

कहते है 'अख़्तर' वो सुन कर मेरे शेर 

इस तरह हमको न रुसवा कीजिए 
वो कभी मिल जाएँ  ……

Wednesday, 13 May 2015

समा है सुहाना सुहाना - Sama Hai Suhana Suhana (Kishore Kumar, Ghar Ghar ki Kahani)

समा है सुहाना सुहाना - Sama Hai Suhana Suhana (Kishore Kumar, Ghar Ghar ki Kahani)

Movie/Album: घर घर की कहानी (1970)
Music By:  कल्याणजी आनंदजी   
Lyrics By:  हसरत जयपुरी     
Performed By: किशोरी कुमार 


समा है सुहाना सुहाना, नशे में जहाँ है   
किसी को किसी की खबर ही कहाँ है 
हर दिल में देखो, मोहब्बत जवा है 

कह रही है नजर, नजर से अफसाने 
हो रहा है असर के जिसको दिल जाने 
देखो ये दिल की अजब दास्ताँ है 
नजर बोलती है, दिल बेजुबां है 
समां है सुहाना सुहाना ……

हो गया है मिलन, दिलो का मस्ताना 
हो गया है कोई किसी का दीवाना 
जहाँ दिलरुबा है, दिल भी वहां है 
जिसे प्यार कहिये , वही दरमियाँ है 
समां है सुहाना सुहाना ……

Saturday, 9 May 2015

हम लाए हैं तूफान से - Hum Laaye Hain Toofan Se (Md. Rafi, Jagriti)

हम लाए हैं तूफान से - Hum Laaye Hain Toofan Se (Md. Rafi, Jagriti)

Movie/Album: जागृति (1954)
Music By:  हेमंत कुमार  
Lyrics By:  प्रदीप    
Performed By: मो. रफी


पासे सभी उलट गए दुसमन की चाल के  
अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के 
मंजिल पे आया मुल्क हर बला को टाल के 
सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के 

हम लाये हैं तूफान से कश्ती निकाल के 

इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के 
तुम ही भविष्य हो मेरे भारत विशाल के 
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के 

देखो कहीं बरबाद ना होए ये बगीचा 
इसको ह्दय के खून से बापू ने है सींचा 
रक्खा है ये चिराग शहीदों ने बाल के 
इस देश को ……  


दुनिया के दांव पेंच से रखना न वास्ता 
मंजिल तुम्हारी दूर है, लम्बा है रास्ता 
भटका ना दे कोई तुम्हें धोखे में डाल के 
इस देश को …… 

ऐटम बमों के जोर पे ऐंठी है ये दुनिया 
बारूद के इक ढेर पे बैठी है ये दुनिया 
तुम हर कदम उठाना जरा देख भाल के 
इस देश को …… 

आराम की तुम भूल भुलइया में ना भूलो 

सपनों के हिंडोलों पे मगन हो के ना झूलो 
अब वक़्त आ गया मेरे हँसते हुए फूलो 
उठो छलाँग मार के आकाश को छू लो  
तुम गाड़ दो गगन पे तिंरगा उछाल के 
इस देश को …… 





Monday, 4 May 2015

चुन चुन करती आई चिड़िया - Chun Chun Karti Aayi chidiya (Md. Rafi, Ab Dilli Door Nahin)

चुन चुन करती आई चिड़िया - Chun Chun Karti Aayi chidiya (Md. Rafi, Ab Dilli Door Nahin)

Movie/Album: अब दिल्ली दूर नहीं (1957)
Music By:  दत्ताराम 
Lyrics By:  शैलेन्द्र   
Performed By: मो. रफी  


चुन चुन करती आई चिड़िया
दाल का दाना लाई चिड़िया 
मोर भी आया, कौवा भी आया 
चूहा भी आया, बन्दर भी आया 
चुन चुन करती...

भूख लगे तो चिड़िया रानी 

मूंग की दाल पकाएगी 
कौवा रोटी लाएगा 
लाके उसे खिलायेगा 
मोर भी आया ...

चलते चलते मिलेगा भालू 

हम बोलेंगे नाचो कालू 
मुन्ना ढोल बजाएगा 
भालू नाच दिखाएगा 
मोर भी आया ...

साथ हमारे चले बाराती 

मैं तो हूँ मुन्ने का हाथी 
सीधे दिल्ली जाऊँगा 
तेरी दुल्हनिया लाऊँगा 
मोर भी आया ...

है ना बोलो बोलो - Hai Na Bolo Bolo (Andaz, Rafi, Suman, Sushma, Pratibha)

है ना बोलो बोलो - Hai Na Bolo Bolo (Andaz, Rafi, Suman, Sushma, Pratibha)

Movie/Album: अंदाज (1971)
Music By:  शंकर जयकिशन 
Lyrics By:  हसरत जयपुरी   
Performed By: सुमन कल्यानपुर, मो. रफी, सुषमा श्रेस्ठ, प्रतिभा 


है ना बोलो बोलो 
पापा को मम्मी से 
मम्मी को पापा से 
प्यार है , प्यार है 

पापा मम्मी मिलते हैं 
चुपके-चुपके हँसते है 
जाने क्या-क्या कहते हैं 
बातें करते रहते हैं 
है ना बोलो बोलो ...

मम्मी तेरी अच्छी हैं 

कितनी भोली-भाली है 
पापा भी तो अच्छे हैं 
कितने प्यारे-प्यारे हैं 
है ना बोलो बोलो ...
मुन्नी बोलो बोलो 
दीपू बोलो बोलो ...


है ना बोलो बोलो 
पापा को दीपू से 
मम्मी को मुन्नी से 
प्यार है, प्यार है ...

रोते हुए आते हैं सब - Rote Hue Aate Hain Sab (Kishore Kumar, Muqaddar Ka Sikandar)

रोते हुए आते हैं सब - Rote Hue Aate Hain Sab (Kishore Kumar, Muqaddar Ka Sikandar)

Movie/Album: मुक्क़दर का सिकंदर (1978)
Music By:  कल्याणजी आनंदजी 
Lyrics By:  अनजान  
Performed By: किशोर कुमार 

रोते हुये आते हैं सब, हँसता हुआ जो जायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर, जान-ए-मन कहलायेगा 

वो सिकंदर क्या था जिसने जुल्म से जीता जहाँ 

प्यार से जीते दिलों को, वो झुका दे आसमां 
जो सितारों पर कहानी प्यार की लिख जायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर ....  

जिन्दगी तो बेवफा है एक दिन ठुकराएगी 

मोैत महबूबा है अपने साथ लेकर जाएगी 
मर के जीने की अदा जो दुनिया को सिखलायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर ... 

हमने माना ये जमाना दर्द की जागिर है 

हर कदम पे आँसुओं की इक नई ज़ंजीर है 
साज-ये-गम पर जो खुशी के गीत जाता जायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर ... 

एक ना एक दिन ये कहानी - Ek Na Ek Din Ye Kahani (Md.Rafi)

एक ना एक दिन ये कहानी - Ek Na Ek Din Ye Kahani (Md.Rafi)

Movie/Album: गोरा और काला (1972)
Music By:  लक्ष्मीकांत प्यारेलाल 
Lyrics By:  आनंद बक्षी  
Performed By: मो. रफी 

एक ना एक दिन ये कहानी बनेगी 
तू मेरे सपनों की रानी बनेगी 
में तेरा दीवाना बनूँगा 
रानी तू मेरी दीवानी बनेगी  
एक ना एक दिन ....  


चैन लूटा है, नींद लूटी है  
ऐसे मौसम में हमसे रूठी है  
ये तेरे हाथों की अंगूठी 
प्रेम की पहली निशानी बनेगी 
एक ना एक दिन ....
  
ये गुस्सा तू , भूल जायेगी 
तेरे होंठो पे, हँसी आएगी 
ये आज हो या कल हो , ये होगा 
ये बेरुखी मेहरबानी बनेगी 
एक ना एक दिन ....  

यूँ ही पहले तो लाज आती है 

बाद में गोरी मान जाती है 
तेरा-मेरा नया-नया मिलन है 
ये मुलाकात पुरानी बनेगी 
एक ना एक दिन ....  



Wednesday, 29 April 2015

एक दिन बिक जाएगा - Ek Din Bik Jaega (Mukesh)

एक दिन बिक जाएगा - Ek Din Bik Jaega (Mukesh)

Movie/Album: धरम करम (1975)
Music By:  आर. डी. बर्मन 
Lyrics By:  मजरूह सुल्तानपुरी 
Performed By: मुकेश

इक दिन बिक जायेगा , माटी के मोल
जग में रह जाएंगे , प्यारे तेरे बोल 
दूजे के होंठो को , देकर अपने गीत 
कोई निशानी छोड़ , फिर दुनिया से डोल 
इक दिन बिक ....  

अनहोनी पथ में काँटे लाख बिछाए
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए 
ये बिरहा , ये दूरी ,  दो पल की मज़बूरी 
फिर कोई दिलवाला काहे को घबराये 
धारा तो बहती है, बहके रहती है 
बहती धारा बन जा , फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक ....  


परदे के पीछे बैठी साँवली गोरी  
थाम के तेरे मेरे , मन की डोरी 
ये डोरी ना  छूटे , ये बन्धन ना  टूटे 
भोर होने वाली है अब रैना है थोड़ी 
सर को झुकाए तू , बैठा क्या है यार 
गोरी से नैना जोड़ , फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक ....