Monday, 4 May 2015

है ना बोलो बोलो - Hai Na Bolo Bolo (Andaz, Rafi, Suman, Sushma, Pratibha)

है ना बोलो बोलो - Hai Na Bolo Bolo (Andaz, Rafi, Suman, Sushma, Pratibha)

Movie/Album: अंदाज (1971)
Music By:  शंकर जयकिशन 
Lyrics By:  हसरत जयपुरी   
Performed By: सुमन कल्यानपुर, मो. रफी, सुषमा श्रेस्ठ, प्रतिभा 


है ना बोलो बोलो 
पापा को मम्मी से 
मम्मी को पापा से 
प्यार है , प्यार है 

पापा मम्मी मिलते हैं 
चुपके-चुपके हँसते है 
जाने क्या-क्या कहते हैं 
बातें करते रहते हैं 
है ना बोलो बोलो ...

मम्मी तेरी अच्छी हैं 

कितनी भोली-भाली है 
पापा भी तो अच्छे हैं 
कितने प्यारे-प्यारे हैं 
है ना बोलो बोलो ...
मुन्नी बोलो बोलो 
दीपू बोलो बोलो ...


है ना बोलो बोलो 
पापा को दीपू से 
मम्मी को मुन्नी से 
प्यार है, प्यार है ...

रोते हुए आते हैं सब - Rote Hue Aate Hain Sab (Kishore Kumar, Muqaddar Ka Sikandar)

रोते हुए आते हैं सब - Rote Hue Aate Hain Sab (Kishore Kumar, Muqaddar Ka Sikandar)

Movie/Album: मुक्क़दर का सिकंदर (1978)
Music By:  कल्याणजी आनंदजी 
Lyrics By:  अनजान  
Performed By: किशोर कुमार 

रोते हुये आते हैं सब, हँसता हुआ जो जायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर, जान-ए-मन कहलायेगा 

वो सिकंदर क्या था जिसने जुल्म से जीता जहाँ 

प्यार से जीते दिलों को, वो झुका दे आसमां 
जो सितारों पर कहानी प्यार की लिख जायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर ....  

जिन्दगी तो बेवफा है एक दिन ठुकराएगी 

मोैत महबूबा है अपने साथ लेकर जाएगी 
मर के जीने की अदा जो दुनिया को सिखलायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर ... 

हमने माना ये जमाना दर्द की जागिर है 

हर कदम पे आँसुओं की इक नई ज़ंजीर है 
साज-ये-गम पर जो खुशी के गीत जाता जायेगा 
वो मुक्क़दर का सिकंदर ... 

एक ना एक दिन ये कहानी - Ek Na Ek Din Ye Kahani (Md.Rafi)

एक ना एक दिन ये कहानी - Ek Na Ek Din Ye Kahani (Md.Rafi)

Movie/Album: गोरा और काला (1972)
Music By:  लक्ष्मीकांत प्यारेलाल 
Lyrics By:  आनंद बक्षी  
Performed By: मो. रफी 

एक ना एक दिन ये कहानी बनेगी 
तू मेरे सपनों की रानी बनेगी 
में तेरा दीवाना बनूँगा 
रानी तू मेरी दीवानी बनेगी  
एक ना एक दिन ....  


चैन लूटा है, नींद लूटी है  
ऐसे मौसम में हमसे रूठी है  
ये तेरे हाथों की अंगूठी 
प्रेम की पहली निशानी बनेगी 
एक ना एक दिन ....
  
ये गुस्सा तू , भूल जायेगी 
तेरे होंठो पे, हँसी आएगी 
ये आज हो या कल हो , ये होगा 
ये बेरुखी मेहरबानी बनेगी 
एक ना एक दिन ....  

यूँ ही पहले तो लाज आती है 

बाद में गोरी मान जाती है 
तेरा-मेरा नया-नया मिलन है 
ये मुलाकात पुरानी बनेगी 
एक ना एक दिन ....  



Wednesday, 29 April 2015

एक दिन बिक जाएगा - Ek Din Bik Jaega (Mukesh)

एक दिन बिक जाएगा - Ek Din Bik Jaega (Mukesh)

Movie/Album: धरम करम (1975)
Music By:  आर. डी. बर्मन 
Lyrics By:  मजरूह सुल्तानपुरी 
Performed By: मुकेश

इक दिन बिक जायेगा , माटी के मोल
जग में रह जाएंगे , प्यारे तेरे बोल 
दूजे के होंठो को , देकर अपने गीत 
कोई निशानी छोड़ , फिर दुनिया से डोल 
इक दिन बिक ....  

अनहोनी पथ में काँटे लाख बिछाए
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए 
ये बिरहा , ये दूरी ,  दो पल की मज़बूरी 
फिर कोई दिलवाला काहे को घबराये 
धारा तो बहती है, बहके रहती है 
बहती धारा बन जा , फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक ....  


परदे के पीछे बैठी साँवली गोरी  
थाम के तेरे मेरे , मन की डोरी 
ये डोरी ना  छूटे , ये बन्धन ना  टूटे 
भोर होने वाली है अब रैना है थोड़ी 
सर को झुकाए तू , बैठा क्या है यार 
गोरी से नैना जोड़ , फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक ....  





धुप है क्या और साया क्या

कुछ पल जगजीत सिंह के नाम 


धुप  है क्या और साया क्या



धुप  है क्या और साया क्या है अब मालूम हुआ ,

ये सब खेल तमाशा क्या है अब मालूम हुआ ,


हँसते फूल का चेहरा देखूं और भर आई आँख ,

अपने साथ ये किस्सा क्या है अब मालूम हुआ ,


हम बरसों के बाद भी उनको अब तक भूल न पाए ,

दिल से उनका रिश्ता क्या है अब मालूम हुआ ,


सेहरा सेहरा प्यासे भटके सारी उम्र जले ,

बादल का इक टुकड़ा क्या है अब मालूम हुआ .... 



 

Sunday, 26 April 2015

देखा जो आइना तो मुझे सोचना पड़ा

देखा जो आइना तो मुझे सोचना पड़ा 

कुछ पल जगजीत सिंह के नाम 

देखा जो आइना तो मुझे सोचना पड़ा,
खुद से न मिल सका तो मुझे सोचना पड़ा,

उसका जो खत मिला तो मुझे सोचना पड़ा,
अपना सा वो लगा तो मुझे सोचना पड़ा,

मुझको था गुमान के मुझी में है एक अना,
देखा तेरी अना तो मुझे सोचना पड़ा,

दुनिया समझ रही थी के नाराज मुझसे है,
लेकिन वो जब मिला तो मुझे सोचना पड़ा,

एक दिन वो मेरे एब गिनाने लगा करार,
जब खुद ही थक गया तो मुझे सोचना पड़ा,

आती क्या खंडाला - Aati Kya Khandala (Aamir Khan, Alka Yagnik, Ghulam)

आती क्या खंडाला - Aati Kya Khandala (Aamir Khan, Alka Yagnik, Ghulam)

Movie/Album : गुलाम (1998)
Music By : जतिन - ललित
Lyrics By : समीर
Performed By : अलका यागिनिक, आमिर खान

ऐ क्या बोलती तु 
ऐ क्या मैं बोलूं
सुन, सुना
आती क्या खंडाला ?
क्या करुँ आ के मैं खंडाला
घूमेंगे, फिरेंगे, नाचेंगे, गाएँगे
ऐश करेंगे और क्या
ऐ क्या बोलती तु ....

बरसात का सीजन है, खंडाला जा के क्या करना
बरसात के सीजन में ही तो मजा है मेरी मैना
भीगूँगी में, सर्दी खांसी हो जाएगी मुझको
छाता लेके जायेंगे, पागल समझी क्या मुझको
क्या करू समझ में आए ना, क्या करू तुझसे में जानू ना
अरे इतना तु  क्यों सोचे, मैं आगे, तू  पीछे
बस अब निकलते है और क्या
ऐ क्या बोलती तु ....

लोनावले में चिक्की खाएंगे, वॉटरफॉल पे जाएंगे
खंडाला के घाट के ऊपर, फोटो खींच के आयेंगे
हाँ भी करता, ना भी करता, दिल मेरा दीवाना
दिल भी साला पार्टी बदले, कैसा है जमाना
फोन लगा तु अपने दिल को जरा
पूछ ले आखिर है क्या माजरा
अरे पल में फिसलता है, पल में संभलता है
कन्फ्यूज करता है बस क्या
ऐ क्या बोलती तु ....